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OUR FOLKS OUR TALES OUR WAYS

अपने टब्बर दी कहानी गी जिऊंदा रक्खो,
पीढ़ियें तकर।

अपना टब्बरी रुक्ख बनाओ, अपने बजुर्गें गी उंदी अपनी अवाज़ च रिकॉर्ड करो, ते कोई बी रीति कदें नेईं चुकाओ — इक्की थाह्र हर उस चीज़ आस्तै जेह्ड़ी तुंदे टब्बर गी तुंदा बनांदी ऐ।

  • डिफ़ॉल्ट रूप कन्नै निजी
  • तुंदा डेटा तुंदा अपना ऐ
  • सहमति-आधारित साझाकरण
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രീതികൾ

तुसेंको क्या मिलता है

तीन स्तंभ, एक घर

हर स्तंभ अपनी रंगत बोलता है, अपनी कहानी कहता है।

OUR FOLKS

अपने जनेंं गी जानो

जिनसे तुसें आए हैं उनसे जुड़ें और उन्हें संजोएँ — पीढ़ियों और भूगोल के पार।

OUR TALES

उंदियां अवाज़ां संभालो

वे पल और कहानियाँ संजोएँ जो तुसेंके टब्बर को तुसेंका बनाते हैं — इससे पहले कि वे फीकी पड़ें।

OUR WAYS

अपनियां परंपरां दा मान करो

जिन परंपराओं, रीतिों और लय से तुसेंका टब्बर जीता है, सब एक ही जगह।

यह कैसे काम करता है

चार छोटे कदम। एक जीवंत संग्रह।

एक नाम से शुरुआत करें। देखें कैसे तुसेंके टब्बर की कहानी जड़ें जमाती है, फैलती है और खिलती है।

01 पैर

अपना रुक्ख बनाएँ

अपने तुसें, अपने माता-पिता, अपने दादे-दादियां को जोड़ें। जैसे-जैसे टब्बर बढ़ता है, शाखाएँ बढ़ती हैं।

02 पैर

यादां संजोएँ

आवाज़ें रिकॉर्ड करें, फ़ोटो अपलोड करें, वे कहानियाँ लिखें जो केवल तुसेंके बुज़ुर्ग जानते हैं।

03 पैर

रीतिों की योजना बनाएँ

नामकरण से लेकर श्रद्धांजलि तक — तुसेंकी परंपरा का हर रीति, एक साझा कैलंडर पर।

04 पैर

पूरे टब्बर को साथ लाएँ

पूरे टब्बर को आमंत्रित करें। हर कोई योगदान देता है, हर कोई याद रखता है।

तुसेंआस्तै बना

तुसें जैसे टब्बरों आस्तै

जो भी तुसेंके टब्बर की कहानी का धागा थामे हुए है — हमने यह तुसेंआस्तै बनाया है।

सामुदायिक रीति पुस्तकालय

हर परंपरा, उन विवरणों के साथ जो वास्तव में मायने रखते हैं

30+ रीति और समागम भारत के जीवंत समुदायों में सूचीबद्ध — हिंदू, सिख, मुस्लिम, ईसाई, जैन, बौद्ध, पारसी और अंतर-धार्मिक — हर एक के साथ कैलंडर, सामग्री, पुजारी और क्षेत्रीय रूप जिन्हें तुसेंका टब्बर पहचान लेगा।

सूचीबद्ध रीति
30+
जीवंत परंपराएँ
8 + अंतर-धार्मिक
कैलंडर प्रणालियाँ
पंचांग · हिजरी · लिटर्जिकल · ज़ोरास्ट्रियन
क्षेत्रीय रूप
तमिल · बांग्ला · मराठी · मलयाली · पंजाबी · गुजराती
नामकरण · जन्म

Namakarana

नामकरण Sanskrit

हिंदू

ग्यारहवें दिन बुज़ुर्ग बच्चे को मातृ-गोद में रखकर जन्म-नक्षत्र से चुना नाम दाहिने कान में फुसफुसाते हैं।

कब
जन्म के 11वें दिन · शुभ तिथि
कैलंडर
पंचांग (हिंदू चांद्र-सौर) · नक्षत्र-संरेखित
कौन करता है
कुल पुरोहित और मातृ-पक्ष के दादे-दादियां
क्या-क्या चाहिए
अक्षत (चावल + हल्दी) दीया और घी बरगद के पत्तों पर छह चुने नाम नारियल और पान
अन्य नाम
नामकरण (हिंदी)· बारसाला (बंगाल)· पन्नेरुदल (तमिल)· बारसो (मराठी)
पहला अन्न · 6 माह

Annaprashana

अन्नप्राशन Sanskrit

हिंदू

चावल का पहला स्वाद। उसके बाद बच्चा प्रतीकों की थाली की ओर हाथ बढ़ाता है — जो पहले छूता है वह उसके भविष्य का संकेत देता है।

कब
6 माह (लड़के) या 5 (लड़कियाँ) · शुभ तिथि
कैलंडर
पंचांग · पुष्य नक्षत्र अनुकूल
कौन करता है
मामा पहला चावल खिलाते हैं
क्या-क्या चाहिए
चाँदी का चम्मच और कटोरा खीर या पायसम घी, शहद, फल प्रतीक थाली (कलम, सिक्का, किताब, मिट्टी)
अन्य नाम
मुखे भात (बंगाल)· चोरूणु (केरल)· भात खुलाई (हिंदी पट्टी)· भातखाई (मराठी)
बचपन · 1–3 वर्ष

Mundan · Chudakarana

चूडाकरण Sanskrit

हिंदू

पहली मुंडन — जन्म-केश कुल देवालय में चढ़ाए जाते हैं, अक्सर तिरुपति, पलनी, वैष्णो देवी या ग्राम-देवता के मंदिर में।

कब
विषम वर्ष · चैत्र/वैशाख
कैलंडर
पंचांग · शुभ मुहूर्त
कौन करता है
पुरोहित-मंत्र के साथ नाई; कुल देवी-देवता का आह्वान
क्या-क्या चाहिए
हल्दी-जल में अभिषेकित उस्तरा केसर-लेप मीठा दही कुल देवालय में अर्पण
अन्य नाम
झंड (पंजाब)· मोट्टै (तमिलनाडु — तिरुपति / पलनी)· मुंडन (हिंदी)
विद्या-आरंभ · आयु 3–5

Vidyarambha

विद्यारम्भ Sanskrit

हिंदू

दादे-दादियां बच्चे की उँगली थामकर चावल पर पहला अक्षर लिखाते हैं — वर्णमाला बोली से पहले स्पर्श से प्रवेश करती है।

कब
विजयदशमी प्रात:काल
कैलंडर
पंचांग · नवरात्रि समापन
कौन करता है
बुज़ुर्ग या गुरु; पहले अक्षर चावल पर लिखे जाते हैं
क्या-क्या चाहिए
कच्चे चावल की थाली काँसे की थाली सरस्वती-छवि शहद-लिप्त उँगली
अन्य नाम
अक्षर अभ्यास (आंध्र/कर्नाटक)· हाते खोरि (बंगाल)· विद्यारंभम (केरल)· अक्षराभ्यासम (तमिल)
दीक्षा · आयु 7–9

Upanayana

उपनयन Sanskrit

हिंदू

बच्चा पवित्र धागा और गायत्री मंत्र पाता है — गुरु-परंपरा में औपचारिक प्रवेश जो पीढ़ियों पीछे जाती है।

कब
श्रावण / वसंत · प्रात:कालीन मुहूर्त
कैलंडर
पंचांग · जन्म-नक्षत्र संरेखित
कौन करता है
कुल पुरोहित; पिता गायत्री मंत्र फुसफुसाते हैं
क्या-क्या चाहिए
यज्ञोपवीत (पवित्र धागा) मेखला (कमर-डोरी) दंड कृष्णाजिन या शॉल
अन्य नाम
जनेऊ / जनोई (हिंदी-गुजराती)· मुंजा (मराठी)· ब्रह्मोपदेशम (तमिल)· ब्रह्मोपदेश (तेलुगु)
ब्याह

Vivaha

विवाह Sanskrit

हिंदू

अग्नि के सात फेरे, मंगलसूत्र की आठ गाँठें, हल्दी-मेहंदी के तीन दिन — हर क्षेत्रीय रूप एक मिलान-मुहूर्त पर।

कब
मुहूर्त — अक्सर 3–5 दिन
कैलंडर
पंचांग · कुंडली मिलान, लग्न तय
कौन करता है
पुरोहित, दोनों टब्बरों के बुज़ुर्ग, सप्तपदी साक्षी
क्या-क्या चाहिए
मंगलसूत्र और बिछुए सप्तपदी अनाज-राशि हवन अग्नि और घी मेहंदी, हल्दी, कलश
अन्य नाम
कल्याणम (तमिल/तेलुगु)· लग्न (मराठी)· बिये (बंगाल)· ब्याह (हिंदी)
नए घर का प्रवेश

Griha Pravesha

गृहप्रवेश Sanskrit

हिंदू

नए चूल्हे पर दूध उबाल, चौखट पार कलश — फ़र्नीचर से पहले शुभता का स्वागत।

कब
जवाबायण अनुकूल · शुभ तिथि
कैलंडर
पंचांग · वास्तु-संरेखित
कौन करता है
कुल पुरोहित; ज्येष्ठ स्त्री कलश ले चलती हैं
क्या-क्या चाहिए
आम के पत्तों के साथ कलश नारियल, चावल, हल्दी दूध उबालने आस्तै वास्तु पूजा सामग्री
अन्य नाम
वास्तु शांति (मराठी)· पाल काचुथल (तमिल)· पालु पोंगिंचदम (तेलुगु)
60वाँ जन्मदिन रीति

Sashtiabdapoorthi

षष्ट्यब्दपूर्ति Sanskrit

हिंदू

एक पूर्ण बृहस्पति-चक्र (60 वर्ष) के बाद, दंपति पुनः ब्याह करते हैं — संतान संचालन करती है, पोते-पोतियाँ आशीर्वाद देती हैं।

कब
जन्म-नक्षत्र · वर्ष-60
कैलंडर
पंचांग · ब्याह रीति पुनः
कौन करता है
कुल पुरोहित, संतान मेज़बान
क्या-क्या चाहिए
दूसरा मंगलसूत्र और मालाएँ हवन अग्नि दंपति आस्तै नया रेशम टब्बरी आशीर्वाद
अन्य नाम
षष्टिपूर्ति (हिंदी)· सतभिषेकम (तमिल — 80वाँ)· उग्ररथ-शांति (संस्कृत)
पितृ रीति

Shraddha

श्राद्ध Sanskrit

हिंदू

हर शरद ऋतु में सोलह दिन तक, टब्बर तीन पीढ़ियों के दिवंगत बुज़ुर्गों को भोजन अर्पित करते हैं — नाम पंक्ति-दर-पंक्ति बोले जाते हैं।

कब
पितृ पक्ष · भाद्रपद कृष्ण पक्ष
कैलंडर
पंचांग · 16-दिनीय पितृ पक्ष
कौन करता है
ज्येष्ठ पुत्र या पौत्र; पुरोहित अर्पण निर्देशित करते हैं
क्या-क्या चाहिए
पिंड (चावल के गोले) तिल और जल तर्पण केले के पत्ते की थाली काक-बलि अर्पण
अन्य नाम
पितृ पक्ष (हिंदी)· महालय (बंगाल)· सोरहा श्राद्ध (मराठी)· करुण्य पक्ष (तमिल)
अंतिम रीति

Antyeshti

अन्त्येष्टि Sanskrit

हिंदू

सोलह-दिवसीय रीति अग्नि, नदी और अंततः संगम पर अस्थि-विसर्जन तक — हर पैर एक बंधन को मुक्त करता है।

कब
उसी दिन · 10–13 दिन के रीति
कैलंडर
पंचांग · संवत्सर शोक वर्ष
कौन करता है
ज्येष्ठ पुत्र; कुल पुरोहित संचालन करते हैं
क्या-क्या चाहिए
सफ़ेद कपास का कफ़न तुलसी और गंगाजल अग्नि आस्तै तिल और घी अस्थि-विसर्जन हेतु पिंड
अन्य नाम
दाह रीति (संस्कृत)· कर्मकांड (हिंदी)· अपर कार्यम (तमिल)
नामकरण · पहले हफ़्तों में

Naam Karan

ਨਾਮ ਕਰਨ Punjabi (Gurmukhi)

सिख

गुरु ग्रंथ साहिब का एक यादृच्छिक पृष्ठ खोला जाता है — पहले शबद का पहला अक्षर बच्चे के नाम का पहला अक्षर बनता है।

कब
जब माँ-बच्चा यात्रा कर सकें · गुरुद्वारा प्रात:काल
कैलंडर
कोई निश्चित कैलंडर नहीं · संगत उपस्थिति
कौन करता है
ग्रंथी गुरु ग्रंथ साहिब को यादृच्छिक रूप से खोलते हैं
क्या-क्या चाहिए
कड़ा (इस्पात कंगन) कड़ा प्रसाद रुमाला (वस्त्र भेंट) बच्चे आस्तै नया रुमाल
अन्य नाम
नाम रीति· हुकमनामा-नामकरण
पहली पगड़ी · आयु 11–14

Dastar Bandi

ਦਸਤਾਰ ਬੰਦੀ Punjabi (Gurmukhi)

सिख

लड़के की पहली दस्तार — संगत के सम्मुख, अक्सर दादाजी द्वारा बाँधी जाती है। पगड़ी उसके साथ बढ़ने आस्तै मापी जाती है।

कब
गुरुद्वारा अरदास संगत के सम्मुख
कैलंडर
टब्बर-चयनित · अक्सर गुरपुरब
कौन करता है
ज्येष्ठ पुरुष रिश्तेदार पहली दस्तार बाँधते हैं; ग्रंथी आशीर्वाद देते हैं
क्या-क्या चाहिए
पहली दस्तार (पगड़ी) कंघा (लकड़ी) कड़ा प्रसाद टब्बरी कृपाण
अन्य नाम
पगड़ी रसम· पहली पगड़ी समागम
खालसा दीक्षा · वयस्क

Amrit Sanchar

ਅੰਮ੍ਰਿਤ ਸੰਚਾਰ Punjabi (Gurmukhi)

सिख

पाँच प्यारे दोधारी खंडे से जल हिलाते हैं — उम्मीदवार पीता है और खालसा में पुनर्जन्म पाता है, नाम सिंह या कौर बनते हैं।

कब
जब उम्मीदवार तैयार हो · अक्सर वैसाखी
कैलंडर
नानकशाही · वैसाखी अनुकूल
कौन करता है
पाँच पंज प्यारे अमृत तैयार करते हैं और देते हैं
क्या-क्या चाहिए
खंडा और सर्बलोह बाटा पताशे (शक्कर) पाँच कक्के (केश, कड़ा, कंघा, कछेरा, कृपाण) गुरु ग्रंथ साहिब दरबार
अन्य नाम
खंडे दी पाहुल· खालसा-जोत
ब्याह

Anand Karaj

ਅਨੰਦ ਕਾਰਜ Punjabi (Gurmukhi)

सिख

गुरु ग्रंथ साहिब के चार शबद, पवित्र ग्रंथ की चार परिक्रमाएँ — दंपति केवल एक-दूसरे से नहीं, संगत से भी जुड़ता है।

कब
प्रात:काल · गुरुद्वारा संगत के सम्मुख
कैलंडर
कोई ज्योतिष नहीं · सरल टब्बर-चयनित दिनांक
कौन करता है
ग्रंथी चार लावाँ पढ़ते हैं; रागी हर शबद गाते हैं
क्या-क्या चाहिए
पल्ला (केसरिया वस्त्र दंपति को जोड़ता) कड़ा प्रसाद गुरु ग्रंथ साहिब पर रुमाला टब्बरी कड़ा
अन्य नाम
लावाँ फेरे· सिख ब्याह
अंतिम रीति

Antam Sanskar

ਅੰਤਮ ਸੰਸਕਾਰ Punjabi (Gurmukhi)

सिख

कोई सार्वजनिक शोक नहीं। टब्बर पूरे गुरु ग्रंथ साहिब का धीमा पाठ पूर्ण करता है, सोहिला साहिब और साझा लंगर के साथ समापन।

कब
उसी दिन · दाह रीति; सहज पाठ 10–11 दिन
कैलंडर
कोई ज्योतिष नहीं · संगत-निर्धारित समय
कौन करता है
टब्बर; ग्रंथी अरदास और सहज पाठ भोग करते हैं
क्या-क्या चाहिए
सफ़ेद कपास का कफ़न पाँच कक्के यथावत भोग आस्तै कड़ा प्रसाद टब्बरी कृपाण
अन्य नाम
अंतिम अरदास· सहज पाठ भोग
नामकरण · दिन 7

Aqiqah

عقیقہ Urdu / Arabic

मुस्लिम

सातवें दिन पिता दाहिने कान में अज़ान फुसफुसाते हैं, नाम घोषित होता है, और गोश्त टब्बर, पड़ोसियों और निर्धनों के साथ साझा होता है।

कब
जन्म के बाद दिन 7 (या 14, 21)
कैलंडर
हिजरी · सुन्नत-समयित
कौन करता है
टब्बरी बुज़ुर्ग अज़ान देते हैं; समुदाय गोश्त साझा करता है
क्या-क्या चाहिए
दो भेड़ें (लड़का) / एक (लड़की) नवजात के पहले बाल बाल-वज़न के बराबर चाँदी (दान) मिठाई और सामुदायिक भोज
अन्य नाम
सुन्नत-ए-नाम· तस्मिया
विद्या-आरंभ · 4व 4मा 4दि

Bismillah

بِسْمِ اللّٰہ Urdu / Arabic

मुस्लिम

बच्चा दादा के साथ क़ुरआन के पहले अक्षर पढ़ता है, फिर खीर खिलाई जाती है — ज्ञान मिठाई के साथ ही शुरू होता है।

कब
4 वर्ष, 4 माह, 4 दिन · शुभ हिजरी तिथि
कैलंडर
हिजरी · कभी-कभी जुमा
कौन करता है
मौलवी या दादा पहली तिलावत मार्गदर्शित करते हैं
क्या-क्या चाहिए
रहल पर क़ुरआन मिठाई (अक्सर खीर) काठ की तख़्ती और सरकंडे की कलम नई टोपी और कुर्ता
अन्य नाम
बिस्मिल्लाह-ख्वानी· तस्मिया-ख्वानी
बचपन का रीति (लड़के)

Khatna · Sunnat

ختنہ Urdu

मुस्लिम

क्लिनिक में चुपचाप, फिर घर में ज़ोर-शोर से — सलामी लिफ़ाफ़े, मिठाई की थालियाँ और लड़के आस्तै छोटा सा सेहरा।

कब
परिवर्तनशील — अक्सर हफ़्ता 1–2, या आयु 5–7
कैलंडर
टब्बर-चयनित · सुन्नत-आधारित
कौन करता है
चिकित्सक; टब्बर उत्सव की मेज़बानी करता है
क्या-क्या चाहिए
साफ़ कपड़े और उत्सव टोपी रिश्तेदारों आस्तै मिठाई बुज़ुर्गों से सलामी लिफ़ाफ़े कुछ क्षेत्रों में संगीत और सेहरा
अन्य नाम
सुन्नत· ताहिर करना
ब्याह

Nikah

نکاح Urdu / Arabic

मुस्लिम

दो साक्षियों के सम्मुख अनुबंध: मेहर तय, सहमति तीन बार बोली जाती है, हस्ताक्षर, और अगले दिन वलीमा।

कब
जुमा अनुकूल · शाम या असर के बाद
कैलंडर
हिजरी · शोक के अनुकूल माह त्यागे जाते हैं
कौन करता है
क़ाज़ी संपन्न करते हैं; दो वयस्क मुस्लिम साक्षी आवश्यक
क्या-क्या चाहिए
निकाहनामा (अनुबंध) मेहर (तय की गई) इजाब-ओ-क़बूल (सहमति) बाद में वलीमा भोज
अन्य नाम
शादी· अक़्द-ए-निकाह
अंतिम रीति

Janazah

جنازہ Urdu / Arabic

मुस्लिम

क़रीबी टब्बर से ग़ुसल, मक्का की ओर पंक्तियों में सलात, उसी दिन दफ़्न, और चालीस दिन की याद।

कब
उसी दिन दफ़्न अनुकूल
कैलंडर
हिजरी · कोई एम्बामिंग नहीं, कोई देरी नहीं
कौन करता है
टब्बर ग़ुसल करता है; इमाम सलात-अल-जनाज़ा का नेतृत्व करते हैं
क्या-क्या चाहिए
कफ़न (तीन-टुकड़ा सफ़ेद) ग़ुसल आस्तै कपूर और गुलाब-जल सादा लकड़ी की अर्थी इद्दत अवधि के पालन
अन्य नाम
सलात-अल-जनाज़ा· दफ़न
शिशु बपतिस्मा · हफ़्ते 4–12

Christening · Baptism

മാമോദീസ Malayalam (Syrian Christian)

ईसाई

नाम बोला, जल डाला, तेल अभिषेक — और एक गॉडपेरेंट चुना जाता है जो माता-पिता के बहुत बाद तक बच्चे का ध्यान रखेगा।

कब
पैरिश सेवा · रविवार प्रात:काल
कैलंडर
लिटर्जिकल (लैटिन / पूर्व सीरियक / पश्चिम सीरियक)
कौन करता है
पैरिश पादरी; गॉडपेरेंट्स (अचायन और अम्माची) उपस्थित
क्या-क्या चाहिए
बपतिस्मा-नाम क्रिस्टनिंग गाउन अभिषेक तेल (मूरोन) टब्बरी बाइबिल और रोज़री
अन्य नाम
बपतिस्मा (लैटिन)· मामोदिसा (सीरियक)· स्नानम (तमिल ईसाई)
रीति · आयु 7–10

First Holy Communion

First Communion English / Malayalam

ईसाई

सफ़ेद कपड़े, पहली स्वीकारोक्ति, चालिस से पहली घूँट — और एक तस्वीर जो हर दादे-दादियां के घर में फ्रेम होती है।

कब
व्हाइट संडे या पैरिश पर्व प्रात:काल
कैलंडर
लिटर्जिकल · कैटिकिज़्म तैयारी के बाद
कौन करता है
पैरिश पादरी; गॉडपेरेंट साक्षी
क्या-क्या चाहिए
सफ़ेद पोशाक / सूट पहली मिसल और रोज़री टब्बरी क्रॉस्ट कप पहले स्वीकारोक्ति
अन्य नाम
पवित्र यूकेरिस्ट (कैथोलिक)· क़ुर्बाना (सीरो-मलाबार)· मार थोमा क्रॉस्ट
किशोर रीति · आयु 13–16

Confirmation

സ്ഥിരീകരണം Malayalam / English

ईसाई

बिशप की हथेली माथे पर, अपना संत-नाम चुना जाता — बचपन की आस्था एक व्यक्तिगत 'हाँ जी' बनती है।

कब
बिशप का दौरा · वसंत या शरद
कैलंडर
लिटर्जिकल · डायोसीज़न कैलंडर
कौन करता है
बिशप क्रिज़्म से अभिषेक करते हैं; गॉडपेरेंट पीछे खड़े
क्या-क्या चाहिए
कंफ़र्मेशन नाम (अक्सर एक संत) सफ़ेद स्टोल / शॉल क्रिज़्म तेल नई रोज़री या क्रॉस
अन्य नाम
क्रिस्मेशन (ऑर्थोडॉक्स)· स्थिरीकरणम (मलयालम)· हेस्तो रुस्मो (सीरियक)
ब्याह

Catholic / Syrian Wedding

വിവാഹം Malayalam / Tamil / English

ईसाई

मिन्नु बँधे या अंगूठियाँ बदलें, लैटिन, तमिल, मलयालम या अंग्रेज़ी में व्रत — फिर एक भोज जो तीन परंपराओं के रिश्तेदारों को साथ खींचता है।

कब
शनि या रवि प्रात:काल · चर्च सेवा
कैलंडर
लिटर्जिकल · लेंट और एडवेंट टालें
कौन करता है
पैरिश पादरी; उत्सव ब्याहों आस्तै बिशप
क्या-क्या चाहिए
मिन्नु / मंगलसूत्र (सीरियन) मंथराकोडी साड़ी अंगूठियाँ, व्रत, यूनिटी कैंडल ब्याह भोज (सद्य या बिरयानी क्षेत्र अनुसार)
अन्य नाम
कल्याणम (तमिल ईसाई)· वेडिंग मास (लैटिन)· कोरोज़ोयो केत्ताल (सीरियन)
ज़ोरास्ट्रियन दीक्षा · आयु 7–9

Navjote

નવજોત Gujarati (Parsi)

पारसी

बच्चे को स्नान कराया जाता है, सफ़ेद सुद्रेह पहनाई जाती है, और कुस्ती पहली बार बाँधी जाती है — तीन गाँठें तीन मार्गदर्शी आदर्शों आस्तै।

कब
शुभ रोज़ · अगियारी प्रात:काल
कैलंडर
ज़ोरास्ट्रियन कैलंडर (शहंशाही / कदमी / फसली)
कौन करता है
अगियारी में टब्बरी मोबेद
क्या-क्या चाहिए
सुद्रेह (पवित्र कमीज़) और कुस्ती (डोरी) चावल, गुलाब, नारियल की थाली अग्नि आस्तै चंदन नई अवेस्ता प्रार्थना-पुस्तक
अन्य नाम
सुद्रेह-पूशी· नवजोत (ईरानी ज़ोरास्ट्रियन)
ब्याह

Lagan

લગ્ન Gujarati (Parsi)

पारसी

दूल्हा-दुल्हन आमने-सामने बैठते हैं, बीच में वस्त्र — जब वह गिरता है, चावल बरसते हैं और सामुदायिक भोज शुरू होता है।

कब
शाम · शुभ रोज़
कैलंडर
ज़ोरास्ट्रियन रोज़ · मानसून-बाद अनुकूल
कौन करता है
दो मोबेद पैवंद-इ-दामन आशीर्वाद बोलते हैं
क्या-क्या चाहिए
अचु-मिचु (अंडा, पान, चावल, नारियल चौखट पर) माला विनिमय ससुराल से अदर्नी उपहार अग्नि आस्तै चंदन
अन्य नाम
पारसी लग्न· अचुमिचु
ब्याह

Jain Vivah

विवाह Sanskrit / Gujarati / Hindi

जैन

अहिंसा के व्रतों के साथ सप्तपदी — दंपति की पहली प्रतिबद्धता उन अहिंसा-नियमों से है जिन्हें वे साथ निभाएँगे।

कब
शुभ मुहूर्त · शाकाहारी भोज
कैलंडर
जैन पंचांग · चातुर्मास टालें
कौन करता है
तीर्थंकर छवि के सम्मुख पंडित; संघ साक्षी
क्या-क्या चाहिए
मंगल कलश सप्तपदी व्रत (जैन-अनुकूल) शाकाहारी सात्विक भोज उपाश्रय / पिंजरापोल को दान
अन्य नाम
लग्न (मराठी जैन)· ब्याह रीति
त्याग · वयस्क

Diksha

दीक्षा Sanskrit / Prakrit

जैन

जुलूस जो पूरे रेशम से शुरू होता है और सफ़ेद वस्त्रों पर समाप्त होता है — उम्मीदवार संपत्ति, टब्बरी संबंध, यहाँ जी तक कि जन्म-नाम भी त्याग देता है।

कब
जब उम्मीदवार तैयार · संघ सभा
कैलंडर
जैन कैलंडर · संघ सहमति
कौन करता है
वरिष्ठ मुनि (आचार्य); टब्बर उम्मीदवार त्याग देता है
क्या-क्या चाहिए
सफ़ेद कपास के वस्त्र (श्वेतांबर) मुखपट्टी (मुख-वस्त्र) रजोहरण (झाड़ू) टब्बरी विदाई जुलूस
अन्य नाम
प्रव्रज्या· जैन त्याग
नवदीक्षा · किशोरावस्था

Pabbajja

पब्बज्जा Pali / Sanskrit

बौद्ध

बाल मुंडित, गृहस्थ वस्त्र त्यागे, त्रिशरण तीन बार उच्चारित — संक्षिप्त नवदीक्षा भी देखने के एक भिन्न ढंग की ओर मोड़ है।

कब
विहार प्रात:काल · संघ सभा
कैलंडर
बौद्ध कैलंडर · उपोसथ दिवस अनुकूल
कौन करता है
उपाध्याय भिक्षु; संघ साक्षी
क्या-क्या चाहिए
केसरिया / गेरुआ चीवर भिक्षा-पात्र उस्तरा (सिर मुंडित) त्रिशरण मंत्र
अन्य नाम
प्रव्रज्या· श्रमणेर दीक्षा
नामकरण · हफ़्ते 2–8

Inter-faith Naming

Naming Day Custom

अंतर-धार्मिक

कुछ टब्बर दोनों भाशाओं में एक नाम चुनते हैं। अन्य बच्चे को दो देते हैं — एक मातृ-पक्ष का, एक पैतृक — दोनों चौखट पर बोले जाते हैं।

कब
टब्बर दोनों समुदायों की शुभ तिथियाँ चुनता है
कैलंडर
दो कैलंडर एक साथ — पंचांग + हिजरी, या लिटर्जिकल + पंचांग
कौन करता है
प्रति परंपरा एक संचालक; टब्बरी बुज़ुर्ग सह-मेज़बान
क्या-क्या चाहिए
दोनों टब्बर-रेखाओं से नाम हर परंपरा के प्रतीक (दीया और क्रॉस, कलश और रहल) द्विभाषी आशीर्वाद दोनों रसोइयों का सम्मान करता साझा भोज
अन्य नाम
द्वि-परंपरा नामकरण· दो-धागा नामकरण
ब्याह

Inter-faith Wedding

Inter-faith Lagan Custom

अंतर-धार्मिक

एक हिंदू सुबह, एक ईसाई शाम, एक रविवार ब्रंच में पंजाबी और तमिल मौसियाँ एक ही टेबल पर — और एक RootsNRites समयरेखा सबको एक लय में रखती है।

कब
अक्सर तीन-दिवसीय सप्ताहांत · प्रति परंपरा एक समागम
कैलंडर
दोनों कैलंडर मिलान · विशेष-ब्याह पंजीकरण
कौन करता है
क्रम में दो संचालक; तीसरे दिन सिविल रजिस्ट्रार
क्या-क्या चाहिए
प्रति साथी दो समागमी पोशाकें दो संचालकों की किट एक साझा रन-ऑफ़-शो दस्तावेज़ दो भाशाओं में जानकार अतिथि-सूची
अन्य नाम
दो-समागम ब्याह· विशेष ब्याह अधिनियम पंजीकरण

अपने समुदाय का रीति नहीं दिख रहा? पाँच मिनट में जोड़ें — हर टब्बर के जुड़ने पर सूची बढ़ती है।

संख्याओं में

जीवन-भर आस्तै बना मंच

गहराई, विस्तार, और वे छोटे विवरण जो सबसे अधिक मायने रखते हैं।

सूचीबद्ध रीति

30+

अधिकतम रुक्ख-गहराई

5 पीढ़ियां

कैलंडर प्रणालियाँ

चांद्र + ग्रेग

मेमोरी प्रारूप

आवाज़ + वीडियो

सवाल, जवाबित

अक्सर पूछे जाने वाले

लोग सबसे पहले जो सवाल पूछते हैं।

क्या RootsNRites मुफ़्त है?
हाँ जी — मूल टब्बरी रुक्ख, मेमोरी अपलोड और बुनियादी समागम योजना हर टब्बर आस्तै मुफ़्त है। उन्नत रीति मार्गदर्शन, वेंडर समन्वय और असीमित स्टोरेज आस्तै हम वैकल्पिक प्रीमियम प्रस्तुत करते हैं।
क्या तुसें हमारी विशिष्ट परंपरा का समर्थन करते हैं?
हाँ जी — हम हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, यहूदी, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और अफ़्रीकी-प्रवासी जीवन-रीतिों को कवर करते हैं, साथ ही धरमनिरपेक्ष और अंतर-धार्मिक टब्बर। क्षेत्रीय रूप (तेलुगु, तमिल, सुन्नी, शिया, कैथोलिक, ऑर्थोडॉक्स, अश्केनाज़ी, सेफ़र्डी, योरूबा, इग्बो और अधिक) निर्मित हैं। यदि कुछ छूटा हो, मिनटों में कस्टम टब्बरी रीतियाँ जोड़ें।
क्या मेरे दादे-दादियां इसका उपयोग कर सकते हैं?
हमने हर स्क्रीन बुज़ुर्गों को ध्यान में रखकर डिज़ाइन की — बड़े पठनीय अक्षर, टाइप के बजाय वॉइस नोट, और एक-टैप "मदद माँगो" बटन।
हमारे टब्बर के डेटा का क्या होता है?
तुसेंका रुक्ख, यादां और रीति रिकॉर्ड तुसेंके टब्बर के हैं — हमारे नहीं। इन्हें सुरक्षित रूप से होस्ट कीता जंदा ऐ, कभी भी निर्यात योग्य। हम टब्बरी डेटा कभी नहीं बेचते या साझा करते।
क्या मोबाइल ऐप है?
वेब ऐप हर फ़ोन पर सुंदर ढंग से काम करता है। नेटिव iOS और Android ऐप हमारे सार्वजनिक रिलीज़ के साथ लॉन्च होंगे — एक बार इंस्टॉल करें, हर जगह सिंक हो।
क्या यह ऑफ़लाइन काम करता है?
हाँ जी। तुसेंकी रिकॉर्ड की गई यादां, अपलोड की गई फ़ोटो, और किसी रीति के दौरान लिए गए नोट्स सभी स्थानीय रूप से कतार में रहते हैं और ऑनलाइन वापस आने पर सिंक हो जाते हैं — मंदिरों, पुश्तैनी पिंडों और हवाई जहाज़ों में उपयोगी।

आज शुरू करें

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जीवंत संग्रह शुरू करें।

एक नाम। एक स्मृति। एक रीति। हर टब्बरी कथा यूँ ही शुरू होती है — और तुसेंकी यूँ ही चलती है।